20 मई 2026

तीन पत्ती हर भारतीय परिवार के दिवाली का हिस्सा है। 30 करोड़ से अधिक भारतीय इसे कम-से-कम एक बार खेल चुके हैं, और रियल-मनी ऐप्स पर यह रमी से 4 गुना ज़्यादा खेला जाने वाला स्किल गेम है।

बुनियादी बातें

तीन पत्ती 52 कार्ड की मानक डेक से खेला जाता है, बिना जोकर के (क्लासिक वेरिएंट में)। हर खिलाड़ी को 3 कार्ड चुपके बांटे जाते हैं। दांव क्लॉकवाइज चलते हैं। शोडाउन में सबसे मजबूत हाथ जीतता है।

  • खिलाड़ी: एक टेबल पर 3 से 7
  • हर खिलाड़ी को कार्ड: ठीक 3
  • कार्ड की रैंकिंग (कम से ज़्यादा): 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, J, Q, K, A
  • बूट (एंटी): कार्ड बांटने से पहले हर खिलाड़ी पॉट में एक तय न्यूनतम रकम डालता है

हाथों की रैंकिंग (मज़बूत से कमज़ोर)

रैंकहाथविवरण
1ट्रेल / ट्रायोतीन एक जैसे कार्ड्स। AAA सबसे ऊँचा, 222 सबसे नीचा
2प्योर सीक्वेंसएक ही सूट में तीन क्रमिक कार्ड। जैसे A♣ K♣ Q♣
3सीक्वेंस (रन)मिले-जुले सूट में तीन क्रमिक कार्ड
4कलर (फ्लश)एक ही सूट के तीन कार्ड, क्रम में नहीं
5पेयरदो एक जैसे कार्ड्स
6हाई कार्डइनमें से कुछ नहीं — सबसे ऊँचा कार्ड जीतता है

हाउस वेरिएशन: मुंबई और कोलकाता के कुछ खेलों में प्योर सीक्वेंस ट्रेल से ऊंचा माना जाता है। हर भारतीय ऐप पर ट्रेल जीतता है — फिर भी असली पैसे लगाने से पहले ऐप के रूल्स स्क्रीन को एक बार चेक कर लें।

ब्लाइंड बनाम सीन — सबसे ज़रूरी ट्विस्ट

यही वो मैकेनिक है जो तीन पत्ती को बाकी कार्ड गेम्स से अलग करता है।

ब्लाइंड खेल: आपकी बारी आने पर, बिना कार्ड देखे दांव लगाएं। ब्लाइंड बेट मौजूदा स्टेक का आधा होती है। ब्लाइंड प्लेयर्स के पास ब्लफ का फायदा होता है।

सीन खेल: अगर आपने कार्ड देख लिए, तो आपको सीन खेलना होगा। सीन बेट ब्लाइंड का दोगुना होती है। एक बार सीन हुए, तो वापस ब्लाइंड नहीं जा सकते।

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